संदेश !
संदेश !
22 Jan 2019 5:44 PM
BREAKING NEWS
ticket title
चीन आर्मी ट्रेनिंग दे रही है पाकिस्तानी आर्मी को, बॉर्डर पर इस्लामाबाद को मजबूत करने की कोशिश
कर्नाटक: कांग्रेस एमएलए मारपीट मामले में विधायक जेएन गणेश पर एफआईआर, पार्टी से भी सस्पेंड किये गये
झारखंड: 80 IAS अफसरों ने प्रोपर्टी का डिटेल नहीं सौपा, कई सीनीयर अफसर डिफाल्‍टर
नई दिल्ली: ईडी ने जाकिर नाइक पर कसा शिंकजा, 16.40 करोड़ रुपये की प्रोपर्टी जब्त
धनबाद: बीसीसीएल 62 नयी माइंस खोलेगी, कोकिंग कोल की जरुरतें होंगी पूरा
बिहार: बाहुबली अनंत सिंह ने मिशन 2019 के रोड शो में दिखाया दम, खुद को बताया मुंगेर का कांग्रेस कैंडिडेट
झारखंड: 29 इनामी नक्सलियों की लिस्ट जारी की, सुधाकरण पर एक करोड़ व उसकी वाइफ नीलिमा पर 25 लाख का इनाम
मेलबर्न : इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती, विराट की कैप्टन शीप में रचा इतिहास
झारखंड: पारा टीचरों की स्ट्राइक खत्म, मनदेय 48 परसेंट तक बढ़ा, सीएम से मिला डेलीगेशन
झारखंड: हेमंत सोरेन होंगे विपक्षी महागठबंधन के लीडर, जेएमएम, कांग्रेस, जेविएम, आरजेडी व वामदल मिलकर लड़ेंगे चुनाव

जापान के रोबोटिक HTV-7 कार्गो स्पेसक्राफ्ट की मदद से आसमान में लग रही है सीढ़ी

Post by relatedRelated post

टोक्यो : पहली बार शनिवार को अंतरिक्ष में सीढ़ी का इस्तेमाल होने वाला है. जापानी STARS-Me (स्पेस टीथर्ड ऑटोनोमस रोबोटिक सेटेलाइट-मिनी एलीवेटर) की किसी भी समय टेस्टिंग हो सकती है. जापान के रोबोटिक HTV-7 कार्गो स्पेसक्राफ्ट की मदद से STARS-Me पेलोड 27 सितंबर, 2018 को ही इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पहुंच चुका है. इसका निर्माण जापान के शिजुओका यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने जापानी कंस्ट्रक्शन फर्म ओबायाशी की मदद से किया है.

जापान के अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े अधिकारियों ने space.com को बताया कि टेस्ट में एक छोटे से बक्से और करीब 30 फुट (9 मीटर) लंबे तार का इस्तेमाल किया जायेगा. तार को दोनों सिरे से दो क्यूबसैट्स से खींचकर बांधा जायेगा. मोटर से चलने वाले बॉक्स की मॉनिटरिंग के लिए मिनी सेटेलाइट्स पर कैमरे लगाये गये हैं.

स्वॉन कहते हैं कि STARS-Me एक महत्वपूर्ण प्रयोग है, लेकिन धरती से अंतरिक्ष तक सीढ़ी लगाना अपनी दूर की कौड़ी है. स्पेस-एलीवेटर कम्युनिटी यह महसूस करता है कि उन्होंने ‘तकनीक ईजाद’ कर ली है. वे उस प्रौद्योगिकी से आगे निकल चुके हैं, जिसकी अब तक मदद ली जाती रही. हाल ही में ISEC ने कहा कि स्पेस-एलीवेटर प्रोजेक्ट पर बृहद परिप्रेक्ष्य में चर्चा होनी चाहिए. स्पेस एलीवेटर्स सेंटर्स का मानना है कि आधारभूत संरचना के विकास की शुरुआत चर्चा से ही हो सकती है, लेकिन उन्हें स्थापित करना बहुत बड़ी बात होती है.
स्पेस एलीवेटर की राह में दो रोड़े

पीयर्सन कहते हैं कि पहली समस्या है कि इतनी मजबूत सामग्री तैयार की जाये, जो अंतरिक्ष में अपने भार को सहन कर सके. दशकों की कोशिशों के बाद इस दिशा में नतीजे आने लगे हैं. इसे मजबूती देने के लिए 62,000 मील (एक लाख किलोमीटर) लंबे सिंगल क्रिस्टल में यह संभावना दिख रही है. श्रेष्ठ सामग्री कार्बन स्ट्रक्चर पर आधारित हैं. चाहे ये नैनोट्यूब्स हों या ग्रेफीन शीट्स.

पियर्सन कहते हैं कि धरती पर लोगों को हाइ-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी देने के लिए चल रही गतिविधियां इस समस्या को और जटिल बना रही हैं. दुनिया भर में लगातार हजारों सेटेलाइट्स धरती की निचली कक्षा में भेजे जा रहे हैं. स्पेस एलीवेटर को इन सबसे बचाकर रखने की जरूरत होगी. इतना ही नहीं, धरती की कक्षा में विचरण कर रहे सेटेलाइट्स की भी यह जिम्मेदारी होगी कि वे एलीवेटर से दूर रहें. ये दोनों ही स्थितयां बेहद कठिन हैं.

मनोंरजन / फ़ैशन

बिहार: मॉडलिंग, एक्टिंग व डांस में धूम मचा रहा मोतिहारी का विवेक
बिहार: मॉडलिंग, एक्टिंग व डांस में धूम मचा रहा मोतिहारी का विवेक

झारखंड व बिहार के यूथ विवेक की एक्टिंग के के दीवाने स्टेट लेवल का कई अवार्ड पाया है विवेक वॉलीवुड में पहचान बनाने की कोशिश में जुटा धनबाद में यूथ को मॉडलिंग व एक्टिंग सिखायेगा धनबाद: बिहार के मोतिहारी के चकिया का लाल विवेक विश्वकर्मा एक्टिंग, मॉडलिंग व डांस में धूम मचा रहा है. बिहार…

Read more

अन्य ख़बरे

Loading…

sandeshnow Video


Contact US @

Email: [email protected]

Phone: +9431124138

Address: Dhanbad, Jharkhand

WP Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com