संदेश !
18 Mar 2019 5:44 PM
BREAKING NEWS
ticket title
नई दिल्ली: कुछ लोगों के लिए देश नहीं, परिवार और हित महत्वपूर्ण: पीएम
जम्मू-कश्मीर: Pulwama सीआरपीएफ काफिले पर हमले का मास्टर माइंड गाजी समेत तीन आतंकी ढेर, आर्मी का मेजर समेत चार जवान शहीद, DIG व ब्रिगेडियर घायल
भाजपा विधायक के बर्थडे प्रोग्राम में बीवी और गर्लफ्रेंड का हो गया सामना और फिर सरेआम ……
कोलकाता : विधायक हत्याकांड में हाईकोर्ट ने मुकुल रॉय की गिरफ्तारी पर लगायी रोक
इजराइल से 54 किलर ड्रोन की डील को भारत सरकार की मंजूरी
रांची: झारखंड के 70 हजार हजार पुलिसकर्मियों ने लगाया काला बिल्ला, फस्ट फेज का का आंदोलन शुरु
पीएम मोदी 17 फरवरी को डीसी लाइन पर पैसेंजर ट्रेन को हजारीबाग से दिखा सकते हैं हरी झंडी
राजस्थान: जैसलमेर में मिग-27 क्रैश पायलट सुरक्षित
सोरेन फैमिली ने ही झारखंड को सबसे ज्यादा लूटा: रघुवर
नई दिल्ली: NIA की जांच शुरु, आतंकी फंडिंग से बनीं मस्जिदों व मदरसों पर मनी लांड्रिंग के तहत होगी कार्रवाई

पितृपक्ष शुरु, आज से नहीं करें कोई शुभ कार्य

Post by relatedRelated post

धनबाद: पितृपक्ष मंगलवार यानी 25 सितंबर से शुरु हो रहा है, 15 दिन में 16 श्राद्ध होंगे और पितरों को खुश किया जायेगा. इस दौरान कोई शुभ कार्य नहीं करें.इन दिनों में लोगों को भूलकर भी कुछ गलतियां नहीं करनी चाहिये, वरना खुशियों को ग्रहण लग सकता है.
आश्विन कृष्ण पक्ष श्राद्धपक्ष और पितृपक्ष कहलाता है. इस दौरान मृत्यु प्राप्त व्यक्तिों की मृत्युतिथियों के अनुसार इस पक्ष में उनका श्राद्ध किया जाता है. श्राद्ध दो प्रकार के होते हैं. पार्वण श्राद्ध और एकोदिष्ट श्राद्ध. आश्विन कृष्ण के पितृपक्ष में किया जानेवाले श्राद्ध को पार्वण श्राद्ध कहा जाता है. पार्वण श्राद्ध अपहारण में मृत्यु तिथि के दिन किया जाता है.साल में मृत्यु तिथि पर मासपक्ष में किए जाने वाले श्राद्ध को एकोदिष्ट श्राद्ध कहते हैं. एकोदिष्ट श्राद्ध हमेशा मध्याह्न में किया जाता है।

पूर्वजों को श्रद्धासुमन अर्पित करने का महापर्व है पितृपक्ष का श्राद्ध. जो श्रद्धा से किया जाए उसे श्राद्ध कहा जाता है. आश्विन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक के समय को श्राद्ध कहते हैं. पितरों को पिंडदान करने वाला गृहस्थ दीर्घायु, यश को प्राप्त करने वाला होता है. पितरों की कृपा से सब प्रकार की समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. पितृपक्ष में पितरों को आस रहती है कि हमारे पुत्र पौत्र पिंड दान करके हमें संतुष्ट कर देंगे.इसी आस से पितृलोक से पितर पृथ्वी पर आते हैं.

भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक 15 दिन की विशेष अवधि में श्राद्ध कर्म किए जाते हैं.श्राद्ध को पितृपक्ष और महालय के नाम से भी जाना जाता है. इस साल 24 से 8 अक्टूबर तक श्राद्धपक्ष रहेगा. शास्त्रों में ऐसी मान्यता है पितृपक्ष के दिनों में हमारे पूर्वज जिनका देहान्त हो चुका है.वे सभी पृथ्वी पर सूक्ष्म रूप में आते हैं और पृथ्वी लोक पर जीवित रहने वाले अपने परिजनों के तर्पण को स्वीकार करते हैं.
श्राद्ध में ब्राह्राण, गाय ,कौए और श्वान का महत्व

धर्म ग्रंथों के अनुसार आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से अमावस्या तक का समय श्राद्ध या महालय पक्ष कहलाता है. इस अवधि में पितर हमसे और हम पितरों के करीब आ जाते हैं इसलिए शुभ और मांगलिक कार्यों को त्यागकर पितरों के प्रति सम्मान और एकाग्रता रखते हैं.
श्राद्ध पक्ष में पितरों के अलावा ब्राह्राण,गाय, श्वान और कौए को ग्रास निकालने की परंपरा है. गाय में सभी 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है इसलिए गाय का महत्व है. वहीं पितर पक्ष में श्वान और कौए पितर का रूप होते हैं इसलिए उन्हें ग्रास देने का विधान है. पितृपक्ष में इनका खास ध्यान रखने की परंपरा है.

पितरों का श्राद्ध पक्ष में मिलता है शुभ संकेत

  • अपने घर के आसपास अगर आपको कौए की चोंच में फूल-पत्ती दिखाई दे जाए तो मनोरथ की सिद्धि होती है.
  • अगर कौआ गाय की पीठ पर चोंच को रगड़ता हुआ दिखाई तो समझिए आपको उत्तम भोजन की प्राप्ति होगी.
  • अगर कौआ अपनी चोंच में सूखा तिनका लाते दिखे तो धन लाभ होता है.
  • कौआ अनाज के ढेर पर बैठा मिले, तो धन लाभ होता है .
  • अगर सूअर की पीठ पर कौआ बैठा दिखाई दें, तो अपार धन की प्राप्ति होती है.
  • यदि कौआ बाईं तरफ से आकर भोजन ग्रहण करता है तो यात्रा बिना रुकावट के संपन्न होती है. वहीं कौआ पीठ की तरफ से आता है तो प्रवासी को लाभ मिलता है.
  • अगर कौआ मकान की छत पर या हरे-भरे वृक्ष पर जाकर बैठे तो अचानक धन लाभ होता है.

मनोंरजन / फ़ैशन

बंगाल में पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा की सभा को नहीं मिली अनुमति
बंगाल में पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा की सभा को नहीं मिली अनुमति

कोलकाता : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद अब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को पश्चिम बंगाल में सभा करने से रोक दिया गया. श्री मुंडा बीच रास्ते से ही लौट गये. अर्जुन मुंडा संवाददाताओं से कहा कि बंगाल की सरकार जिस तरह से…

Read more

अन्य ख़बरे

Loading…

sandeshnow Video


Contact US @

Email: [email protected]

Phone: +9431124138

Address: Dhanbad, Jharkhand

WP Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com